Friday, October 9, 2015

AAP - अभी भी आशावान हैं हम, देखते हैं....

पहले समाचार आता है कि सोमनाथ भारती के गिरफ्तार होने के पहले से ही नाराज है केजरीवाल से। सोमनाथ भारती के अनुसार अरविंद केजरीवाल उनका साथ नहीं दे रहे थे और उन पर विश्वास नहीं कर रहे थे जब उनके ऊपर उनके पत्नी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया। ये तो एक सराहनीय कदम था की मुख्यमंत्री अपने ही विधायक का साथ नहीं दे रहा है अगर महिला उत्पीड़न की बात होती है तो।

उसके बाद यह समाचार आता है कि अरविंद केजरीवाल के विधायकों ने विधानसभा में विधायक के वेतन को चार गुना करने की सिफारिश पास कर दी है. वह अलग बात है कि अभी तक सिफारिश लागू नहीं हुई है। अगर लागू होती हों तो इस पर अवश्य बहस होनी चाहिए।

उसके बाद समाचार आता है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने मंत्री असीम अहमद को मंत्रीपद से हटा दिया है क्योंकि असीम अहमद के विरुद्ध भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है। यह एक बहुत ही सराहनीय कदम है, जिससे कदाचित अन्य जो निर्लज्ज राजनीतिक दल हैं वो तो प्रेणना नहीं लेंगे, किन्तु आम आदमी पार्टी की साख में थोड़ा स्वस्थ्यलाभ अवश्य होगा।

कुछ विश्वस्त मित्रों से यह तो पता चला ही है की आम आदमी पार्टी के भीतर बहुत कुछ अच्छा नहीं हो रहा है। खैर जो भी अच्छा नहीं हो रहा है उसके लिए हम थोड़ी देर के लिए यह मान सकते हैं कि नया राजनैतिक दल है, अभी समय लगेगा पूरी तरीके से स्थिर होने में।

अभी कुछ दिनों पहले अरविंद केजरीवाल का ट्वीट आया था की दिल्ली जनलोकयुक्त विधेयक शीघ्र ही पास हो जाएगा। अभी तक तो नहीं हुआ, और कितनी प्रतीक्षा कराएंगे? अभी तक तो जो कुछ भी समाचार चैनलों में आ रहा था आम आदमी पार्टी के विरुद्ध उसके या तो आम आदमी पार्टी के पास सही उत्तर थे या तो वह समाचार ही झूठे थे अथवा भ्रमित करने वाले थे, अथवा ऐसे समाचार थे जिन पर विश्वास करने के लिए थोड़ी सी प्रतीक्षा और करनी चाहिए नागरिकों को। किंतु जनलोकपाल अथवा जनलोकायुक्त विधेयक तो प्राण है उस विश्वास का  जिसके आधार पर अनेको स्वयंसेवक और नागरिक आम आदमी पार्टी से नाराज़ होते हुए भी उस पर विश्वास कर रहे है अथवा उससे आशा लगाए हुए है।
यदि जनलोकायुक्त बिल शीघ्रातिशीघ्र नहीं आया तो वास्तव में मुझ जैसा नागरिक तो आम आदमी पार्टी में कभी भी विश्वास नहीं कर पाएगा।

No comments:

Post a Comment