Friday, March 18, 2016

भारत, भारतवर्ष, हिन्दुस्तान, हिन्द, सिंध, हिन्दु, सिंधु, हिन्दी, सिंधी, इंडस, इंडिया | Bharat, BharatVarsh, Hindustaan, Hind, Sindh, Hindu, Sindhu, Hindi, Sindhi, Indus, India

कुछ लोगों को "भारत माता की जय" कहने में समस्या है। उनमें से कुछ ये तर्क देते हैं कि "भारत माता" किसी वैष्णवी देवी का नाम है, इसलिए "भारत माता की जय" कहना किसी और भगवान/ देवी की पूजा हुई, जोकि इस्लाम में हराम है। वो कहते हैं कि "जय भारत" कह सकते हैं। अरे भाई हिन्दुओं में तो "लक्ष्मी माता की जय" और "जय लक्ष्मी" दोनों ही लक्ष्मी जी की जयकार ही है!
ये समझने के बाद क्या अब लोग "जय भारत" भी बोलना मना कर देंगे?
वो कहते हैं कि "जय हिन्द" कह सकते हैं। अरे समझदार लोग! "हिन्द" शब्द "हिन्दु" शब्द का अंग ही है, अगर आप "हिन्दु" को अलग धर्म मानते हैं तो "जय हिन्द" भी कहीं ना कहीं से इस्लाम में हराम माना जाएगा, क्योंकि एक से अधिक धर्म को नहीं मान सकते इस्लाम के अनुसार।
अगर तर्क समझ में आ गया है, तो क्या अब लोग "जय हिन्द" भी बोलना मना कर देंगे? वास्तव में अगर ऐसे ही तर्क चलता रहा तो क्यूंकि "जय हिन्दुस्तान" का अर्थ ये है कि उस स्थान की जय जहां हिन्दु रहते है, इसलिए "जय हिन्दुस्तान" के नारे को धर्म-निरपेक्षता के विरद्ध मानते हुए बोलने से मना कर देंगे वो कुछ लोग। अब क्या बचता है? हाँ! "जय इंडिया" अब शब्द "इंडिया" तो इंडस (सिंधु) नदी से आता है, जो कि पाकिस्तान में है। अब ऐसे ही तर्क गढ़े जाएं तो भारत का "इंडिया" नाम ही गलत है। अरे भाई इस कायदे से तो "इंडिया" पाकिस्तान को कह देना चाहिए था भारत को थोड़े ही ना!
एक पुराना नाम था, "आर्यावर्त" वो तो बहुतों को दूर दूर तक स्वीकार नहीं होगा। अब आप लोग यही बता दीजिये की मेरे देश को मैं किस नाम से पुकारूं? और क्या कह कर जायकार लगाऊं? सबसे पहली बात तो ये कि मेरे देश के संविधान के अनुसार मेरे देश का नाम "भारत गणराज्य" और "रिपब्लिक ऑफ़ इंडिया" है। और भी अन्य आधिकारिक भाषाओं में नाम हैं। मैं सभी की जय करता हूँ, क्यूंकि भारत मेरी मातृ भूमि है इसलिए मैं "भारत माता" की जय करता हूँ।
ये सही है कि कुछ लोग भारत को एक देवी रूप में भी पूजते हैं, इसका अर्थ ये नहीं है कि सभी उन्हें देवी की तरह पूजे। हाँ सभी को माँ की तरह भारत का जयकार अवश्य मानना चाहिए। "भारत" शब्द किसी देवी से नहीं आया है, ये सम्राट "भरत" से आया है। उन्ही के नाम पर पूरे देश को भारतवर्ष और भारत कहा गया। ये हमारे इतिहास में हैं। इसलिए हम इस नामकरण को अपना मानते हैं। खासकर अपने उन मुस्लिम मित्रों से ये निवेदन करूंगा जो "भारत माता" को कोई देवी मानकर उनकी जय करना नहीं चाहते कि आप भी अपने इतिहास का सम्मान करते हुए "भारत" शब्द का सही अर्थ समझिए। और ध्यान रहे, सम्राट भरत का इतहिास आपका भी इतिहिास है। रही बात "हिन्दुस्तान" और "इंडिया" की, तो ये दोनों शब्द "सिंधु" (इंडस) नदी से आए हैं। सिंधु का ही अपभ्रंश "हिन्दु" है, और इसे लोग सिंधु, सिंध, हिन्दु, हिन्द आदि नाम से बुलाते थे। सिंधु /हिन्दु के पास से आरम्भ होने वाले महान राष्ट्र को आक्रमणकारी हिन्दुस्तान भी बुलाते थे। हिन्दुस्तान तो भूखंड का नाम है, हिन्दु या हिन्दी (जैसे सिंधी) वो हैं जो इस भूखंड में रहते हैं। ये हमारे भूगोल से आए हैं। इसलिए हम इस नामकरणों को भी अपना मानते हैं।
मैं तो सनातन धर्म का अनुयायी हूँ। "हिन्दु" तो नहीं हूँ। हिन्दु शब्द तो थोपा हुआ है। किन्तु क्योंकि बहुत से सनातन धर्मी अपने देश के "हिन्द"/"हिन्दुस्तान" के इन नामों का भी सम्मान करते हैं इसलिए वे स्वयं को सनातन-धर्मी के साथ-साथ हिन्दु भी कहते हैं। मैं उन हिन्दुओं की बात नहीं कर रहा जो ये जानते ही नहीं कि हिन्दु एक धर्म का नाम नहीं है, अपितु राष्ट्रवासियों का संबोधक है। यदि कुछ बुद्धिमान भारतीय सनातनधर्मी स्वयं को हिंदु कह सकते हैं तो बुद्धिमान मुसलामान भी स्वयं को हिंदु कह सकते हैं। हिन्दु मात्र एक भूखंडवासियों को सम्बोधित करता है।
खैर स्वयं को हिन्दु बोलो या ना बोलो, किन्तु भारत (मातृभूमि) को माता समझ कर, उनकी जय तो कर ही सकते हो।

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