Thursday, February 11, 2016

Patriotism । देशभक्ति

JNU में क्या ड्रामा चल रहा ये तो पूरी तरह से हम नहीं कह सकते क्यूंकि अधिकतर न्यूज़ चैनलों ने, जिसने रिपोर्ट की भी है उसमें भी विद्रोही छात्रों की बात नहीं बतायी गयी है. उनके साक्षात्कार अधिक नहीं दिखाए गए हैं. अधिकतर रिपोर्टों में यही दिखाया गया है कि वो गद्दार हैं, देश द्रोही हैं. अगर उन छात्रों ने "भारत की बर्बादी तक जंग चलेगी… " के नारे लगाएं हैं तो उन पर तो देश द्रोहियों के अनुरूप कार्यवाही होनी चाहिए और शीघ्र होनी चाहिए। किन्तु किसी भी सूरत में उन्हें पूरा सुनना भी चाहिए।
ना सुनने से भी हम भारत की ही हानि कर रहे हैं, हमें ये सिद्ध करना चाहिए की भारत में विरोधियों को भी अच्छे से सुना जाता है.
अतः न्यूज़ चैनलों से विनती है कि पहली बात सभी न्यूज़ चैनल इस समाचार को दिखाएँ, दूसरी बात सभी समाचार चैनल इस न्यूज़ को अच्छे से दिखाएँ - हर पक्ष की बात सुनवाते हुए।
जब तक खुली बहस नही होगी तब तक किसी को पता ही नहीं चलेगा कि अगर कोई देश द्रोह कर भी रहा है तो कैसे। भारत - पाकिस्तान का क्या मुद्दा है, कश्मीर का क्या मुद्दा है, बंटवारे में क्या समस्या हुई थी, नेहरू का पाकिस्तान के साथ क्या समझौता हुआ था संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने, क्यों हुआ था, अभी क्या स्थिति है कश्मीरी नागरिकों की, कश्मीरी पंडितों के साथ किसने क्या किया किया था, आफ़्सपा क्या बला है - इसका लाभ क्या है और इससे हानि क्या है,...... ऐसी अनेकों आवश्यक बातें हैं जो देश के असंख्य देशभक्त नागरिकों को नहीं पता है. "भारत माता की जय" के नारे लगा लेने मात्र से कोई देश भक्त नही बन जाता। अगर देश भक्ति करनी है तो आप सीमा पर जाकर देश रक्षा करिये, या फिर अपने वर्तमान कार्य को भी देश की भलाई के बारे में सोच कर करिये।
रेल आरक्षण अधिकारी आरक्षण खिड़की पर बैठ कर टिकट ब्लैक करे और अपने लिविंग रूम में बैठ कर "भारत माता की जय" करे, ये नहीं चलेगा। डॉक्टर अपने मरीज़ों का इलाज पैसों की लालच में न करे या गलत करे और अपने लिविंग रूम में बैठ कर "भारत माँ की जय" बोले, ये नहीं चलेगा। ठेकेदार, इंजीनियर देश का पैसा खाने के बाद राजनीति की चर्चा करते हुए "भारत माँ की जय" करें, ये भी नहीं चलेगा। यहां तक कोई नागरिक अगर मात्र जाति, धर्म, समुदाय, धन या मदिरा इत्यादि से प्रभावित होकर भारतीय गणतंत्र में मतदान करे और "भारत की जय" बोले, ये भी नहीं चल सकता।
अगर वास्तव में देश भक्ति करनी है तो पढ़िए, खूब पढ़िए, जानकार बनाइये स्वयं को। मूर्ख न रहिये। आप को समझ में आना चाहिए कि आपके प्रत्येक कदम का प्रभाव देश पर पड़ता है.

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