आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा सैलरी बढ़ाना गलत हो सकता है, पर अगर "आप" प्रवक्ता भाजपा के अंगुली उठाने की प्रतिक्रया में अपने विधायकों के आवश्यक व्ययों की सूची देकर ये पूछते हैं कि "भाजपा या कांग्रेस के पूर्व विधायक उस सूची के खर्चे कैसे उठाते थे?" तो इस बात का उत्तर भाजपा को देना चाहिए.
हम तो जनता हैं, हमें अगर लगे की वेतन बहुत अधिक है, तो चलता है. किन्तु भाजपाई और कांग्रेसी विधायकों और सांसदों को इस बात का उत्तर तो देना ही चाहिए, कि कैसे वो अपना खर्चा चलाते थे.
अगर केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के मध्य में कोई बलात्कार के आरोपी को हम मात्र इस बात पर सह सकते हैं की मोदी जी से हमें आशा है, उन्हें समय देकर अवश्य देखना चाहिए, तब थोड़ा समय तो हमें इन आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेतृत्व को भी देना चाहिए।
२ - ३ सालों में इन सभी आशाओं का वास्तविक चरित्र सामने आ जाएगा.
आशा यही है कि इनमें से जो भी नाकारा होगा वो धराशायी अवश्य होगा इस जनतंत्र में.
हम तो जनता हैं, हमें अगर लगे की वेतन बहुत अधिक है, तो चलता है. किन्तु भाजपाई और कांग्रेसी विधायकों और सांसदों को इस बात का उत्तर तो देना ही चाहिए, कि कैसे वो अपना खर्चा चलाते थे.
अगर केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के मध्य में कोई बलात्कार के आरोपी को हम मात्र इस बात पर सह सकते हैं की मोदी जी से हमें आशा है, उन्हें समय देकर अवश्य देखना चाहिए, तब थोड़ा समय तो हमें इन आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेतृत्व को भी देना चाहिए।
२ - ३ सालों में इन सभी आशाओं का वास्तविक चरित्र सामने आ जाएगा.
आशा यही है कि इनमें से जो भी नाकारा होगा वो धराशायी अवश्य होगा इस जनतंत्र में.
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